अखिलेश ने खुद माना ,नहीं दे पाए जनता को न्याय , रही गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार – बनायंगे वर्दी वाले गुंडों की फौज
| 26 Feb 2017

जन उदय : वैसे ये बात जग जाहिर है की यु पी में समाजवादी पार्टी के समय गुंडागर्दी , बलात्कार , अपहरण फिरौती , और भ्रष्टाचार इतने व्यापक पैमाने पर होता है की उसके लिए किसी सबूत की जरूरत नहीं पढ़ती. राज्य का बच्चा , औरत , युवा सब परेशान रहते है और दुआ करते है की किसी तरह इन गुंडे समाजवादियो से पीछा छूटे .
अपनी चुनावी रणनीति के चलते समाजवादी पार्टी ने भाजपा के साथ मिलकर राज्य में दंगो की बारिश की दोनों का मकसद था मुस्लिम – और हिन्दू वोटो का ध्रुवीकरण यानी मुस्लिम वोट समाजवादी पार्टी के तरफ आ जाए और हिन्दू वोट भाजपा की तरफ चले जाए ..

देश में हिन्दू शब्द इस तरह का मायाजाल है जिसके तहत मुस्लिम और इसाई छोड़ सब समा जाते है और इस शब्द का इस्तेमाल सिर्फ वोटो के लिए आर एस एस/ भाजपा करती है चुनाव खत्म हो जाने के बाद सभी लोगो को जातिवाद में बाँट देती है है , कमाल की बात यह है की जब इन्ही बांटी हुई जातिओ के आधार पर दूसरी पार्टी के लोग वोट मांगते है तब ये लोग कहते है जातिवाद मत फैलाओ यानी जातिवाद के जनक , रक्षक और पोषक ब्राह्मण दुसरो पर खुद इल्जाम लगाने लगते है

खैर यहाँ भाजपा और समाजवादी पार्टी के षड्यंत्र के बारे में बात कर रहे है . जिसे यु पी की जनता ने समझ लिया है हेयर इस बार चुनाव मे भाजपा और समाजवादी पार्टी की बाहर करने का मन बना लिया है

यु पी में अपनी हार को देखते हुए आज महराज गंज की एक चुनावी सभा में खुद अखिलेश ने माना की गरीब लोगो को अनाज बांटने में भ्रष्टाचार हुआ इसमें ख़ास बात यह रही की दलितों को ही सबसे जयादा परेशानी रही .. शिक्षा के नाम पर अखिलेश ने खुद माना की राज्य में शिक्षा का स्तर बहुत गिरा हुआ है और सरकारी स्कूलों में मूलभूत सुविधायो का अभाव है यानी स्कूल के नाम पर शिक्षक नहीं स्कूल की चारदीवारी तक नहीं है हालांकि अखिलेश ने कहा हम भर्ती करेंगे तो कोई अखिलेश जिओ से पूछे की पांच साल तक क्या कर रहे थे ?? इन स्कूलों की हालत खराब वैसे तो सभी व्याक्प स्थानों पर है कमाल की बात यह है की ये स्कूल वहां है जहा पर दलित बाहुल्य आबादी है

स्वास्थ अभाव ऐसा है की एक गन्दी सी जगह पर ५० गाव के बीच एक डिस्पेंसरी है जहा पर एक डॉक्टर है जो हमेशा बंद रहता है या वहा पर दवाई तक नहीं है , डिस्पेंसरी की पैथलब टॉयलेट के अंदर बनी है जब तक मरीज को फर्स्ट एड मिलता है तब तक रोगी मर चुका होता है इस पर भी अखिलेश ने माना की गाव देहातो में अम्बुलेंस तक नहीं है हलांकि अखिलेश ने कहा हम ये सुवधाए बधायंगे लेकिन कमाल की बात फिर वही है की पांच साल तक क्या किया ???

शिक्षा के नाम पर यादवो को और अपर कास्ट को लैपटॉप बाटने से कुछ नहीं होता क्योकि सबसे पहले इसके चलाना भी आना चाहिए और इसके सही सितेमाल की लिए घर में बिजली होनी चाहिए
अखिलेश ने भ्रष्टाचार का एक खुलासा तो ऐसा कर दिया की हो सकता है की यूँ पी वो युवा खुश हो जाए जो पुलिस में जाना चाहते है यानी १०-१२ की मार्कशीट लाओ और दौड़ लगाओ और पुलिस में भर्ती हो जाओ यानी बिना ज्ञान , तर्क शक्ति , बुधि परिक्षण के यादवो की एक ऐसी फौज की भर्ती जो दलितों को दबा सके और राज्य में एक लीगल गुंडागर्दी फैला सके .. यानी अब होंगे वर्दी वाले गुंडे

कमाल की बात अखिलेश जो मायावती की योजनाओं के नाम बदल अपनी योजना बता लोगो को बेवकूफ बना रहे है इनके पास मायावाती को कोसने के लिए सिर्फ पार्क है यानी मायावती ने विकास किया पिछड़े और उपेक्षित समाज के लिए काम किया

कांग्रेस , भाजपा – समाजवादी पार्टी ने मिल कर मीडिया के दलालों को पैसा खिला कर ऐसा माहौल बनाने की कोशिस कर रहे है जैसे मायावती यु पी की दौड़ में है ही नहीं लेकिन असल बात यह है की मायावती ही इस बार यु पी की मुख्यमंत्री होगी