दूरदर्शन की फूटेज चोरी करता था अब संघ के लिए आदिवासिओ को भगवा आतंक का शिकार बना रहा है : प्रोंनोय रॉय
| 06 Mar 2017

जन उदय : ये बात सबको मालूम नहीं होगी की एन डी टीवी का मालिक प्रोंनोय रॉय और संघ का सीक्रेट एजेंट दूरदर्शन की फूटेज चोरी करता था जिसके इल्जाम में सुप्रीम कोर्ट ने एन डी टीवी पर ६०० करोड़ का जुर्माना भी लगाया था जिसको प्रोंनोय राय ने दूरदर्शन को चुका दिया

प्रोंनोय राय का एक कार्यक्रम जो की दूरदर्शन पर आता था जिसका नाम वर्ल्ड ऑफ़ दिस वीक आता था इस कार्यक्रम को हांसिल करने में प्रोंनोय रॉय की मदद तत्कालीन प्रधानमन्त्री राजीव गांधी ने भी की थी जो प्रोंनोय रॉय का दोस्त भी कहा जाता था और उसी कार्यक्रम की कमाई से एन डी टीवी ने इतने चैनल और इतनी दौलत कमाई है .

प्रोंनोय रॉय संघ का एक सीक्रेट एजेंट है इसका खुलासा इस बात से होता है की यह संघ के अजेंडा पर काम करता है जिसकी बानगी हाल के यु पी इलेक्शन में भी देखा जा सकता है जहा पर एन डी टीवी भाजपा के लिए माहौल बनाने में लगा हुआ है , कमाल की बात यह है की प्रोंनोय रॉय जी यु पी में बी एस पी की मौजूदगी को बिलकुल नकार रहे है ..

एन डी टीवी को कैसे इस्तेमाल किया जाए संघ ने इस बात की तैयारी लगभग दो साल पहले से ही शुरू कर दी थी यानी सिर्फ एन डी टीवी को एक ऐसा चैनल बना कर रखा गया जो संघ के खिलाफ बोलता रहा नरेंदर मोदी के खिलाफ बोलता रहा बाकी सब चैनल से लगा ताकि सभी लोगो को लगे की सिर्फ एन डी टीवी ही ऐसा है जो सही और बेबाक खबर दिखाता है .

खैर एन डी टीवी यानी प्रोनोय रॉय संघ का सीक्रेट एजेंट कैसे है इस बात का खुलासा हमें ओड़िसा से चलता है जहा पर अन्य आदिवासी इलाको की तरह एन डी टीवी संघ के इशारे पर आदिवासिओ के लिए शिक्षा के कार्यक्रम चला रहा है वह भी कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंस के साथ मिल कर जहा पर आदिवासिओ को शिक्षा तो दी जाती है लेकिन साथ के साथ उनकी मन की शान्ति के लिए उन्हें ब्राह्मणवादी मंत्रो का भी जाप कराया जाता है भोले भाले आदिवासी इस बात को समझ नहीं पाते कमाल की बात यह है की जब ये ही कार्यक्रम कोई इसाई चलाता है तो उन पर धर्म परिवर्तन का आरोप लगा या जाता है और उसे मीडिया में भी उछाला जाता है
कलिंगा को चलाने के लिए संघ के बाकी सीक्रेट एजेंट यानी कॉर्पोरेट घराने फंडिंग देते है

कमाल की बात यह है की वर्तमान सरकार ने आदिवासी इलाको के ३००० हजार से जयादा प्राइमरी स्कूल बंद कर दिए ताकि आदिवासी बच्चे पढ़ लिख न पाए

नक्सलवाद की आड़ में यह बात मीडिया किसी को सोचने ही नहीं देता की एक संसद क्षेत्र में बिजली पानी , सडक , स्कूल डिस्पेंसरी कोलेज खोलने में या बनाने में हद से हद १५ साल लगेंगे बावजूद इसके की संसदीय फण्ड के अलावा एम् एल ए और ग्राम पंचायत सभी के फण्ड होते है लेकिन ७० साल के बाद भी भारत के किसी भी दलित आदिवासी इलाको में ऐसा नहीं हो पाया सब का सब फण्ड ब्राह्मण नेता या अफसर खा गए यह किसी भी देशद्रोह से कम नहीं बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा अपराध है की आपने मानव विकास नहीं होने दिया . और सबसे बड़ी बात यह है की ब्राह्मणों ने इस दुनिया के सबसे बढे अपराध को भ्रष्टाचार कह कर बहुत ही छोटा बना दिया है यह और भी बड़ा अपराध है

भारत में इस वक्त समाज एक नई कई भागो में बंटा है सबसे बड़ा डिविजन इस वक्त जाति है देश की ६००० से ज्यादा जातिया इस वक्त ब्राह्मणवाद के आगे अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे है अपने हको के लिए लड़ रहे है मानिविय अधिकारों के लिए लड़ रहे है और यह लड़ाई जब होने लगती है तो ये जातिवाद के जनक , रक्षक और पोषक सब जगह कहते फिरते है की देश में जातिवाद फ़ैल रहा है

और ये लोग इस लड़ाई को हल्का करने के लिए अंधविश्वास , अशिक्षा धार्मिक उन्माद झूठा और थोथा राष्ट्रवाद का राग अलाप रहे है जबकि देश रोटी , रोजी शिक्षा स्वास्थ के लिए तडप रहा है