मीडिया को कैसे मालूम हुआ किस जाति का वोट किसको गया ??? दिलीप मंडल
| 14 Mar 2017

जन उदय इस बात का पता लगाना की किस जाति के कितने लोग किस इलाके में रहते है यह कोई विशेष बात नहीं है लेकिन एक बार जब सबने वोट दे दिया तो ये कैसे मालूम होगा की किस जाति का कितना वोट किस पार्टी को गया ??? मशीन बंद है , मशीन में वोट देते वक्त जाति दर्ज नहीं होती तो फिर कैसे इस पर वरिष्ट पत्रकार और भारत के वंचित समाज के लिए काम करने वाले श्री दिलीप मंडल का कहना है

“””मीडिया वह सॉफ़्ट प्वायजन यानी धीमा ज़हर है, जिसकी काट आपके पास नहीं है। इनके लिए कुछ जातियाँ सामान्य हैं। बाक़ी लोग इनके लिए असामान्य यानी एब्नार्मल हैं। वैसे, उनको बताता कौन है कि किस जाति ने किसे वोट दिया? यह बहुत बड़ा रहस्य है। यादव को ओबीसी से काट देना एक शातिर साज़िश है। इसी तरह जाटव को SC से अलग दिखाने का षड्यंत्र चलता है। इसी आधार पर ब्राह्मणों को सामान्य से अलग दिखाना चाहिए। लेकिन वह आप नहीं करेंगे। समाज को खंड-खंड करने के लिए मैं मीडिया की भर्त्सना करता हूँ। यह राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक है। “”” दिलीप मंडल

इस तरह हम कह सकते है कि वर्तमान मीडिया अपनी नीचता के सबसे जयादा गिरावट के स्तर पर है हर चैनल में भगवा झंडे झूल रहे है , इसका कारण यह भी हो सकता है की चैनल पर कॉर्पोरेट जगत का दबाव है क्योकि अगर कॉर्पोरेट जगत अगर विज्ञापन नहीं देगा तो चैनल कैसे चलेगा .. यह एक बात हो सकती है

लेकिन यहाँ ऐसा कुछ बहुत जयादा नहीं लगता बल्कि ऐसा लग रहा है की मीडिया अपनी दबी मानसिकता को उजागर कर रहा है यानी इनके असली चेहरे यही है पहले अपने आपको मानवतावादी , आधुनिक और निष्पक्ष होने का ढोंग कर रहे थे और शायद अब यह समझते है की किसी भी तरह अब ढोंग करने की जरूरत नहीं है