पुरुषो के मुकाबले कमर दर्द में महिलाओं की संख्या अधिक
| 17 Mar 2017

दुनियाभर में लोग बदलती और स्थिर जीवनशैली के चलते तरह तरह की समस्यायों जैसे मोटापा , कमर दर्द और काम के तनाव जैसी समस्याओं से दो चार हो रहे है जिसका प्रभाव किसी भी आम जिन्दगी पर देखने को मिल सकता है और वैज्ञानिक आंकड़े बताते है कि दुनियाभर में एक जगह बैठकर काम करने वाले लोगो में से 95 प्रतिशत और बाकि अन्य लोगो में 80 प्रतिशत लोग कमर दर्द से परेशान है और इसमें महिलाओं की संख्या में अधिक है |

इस बारे में हम थोडा बात करते है क्योंकि शरीर का अस्वस्थ होने में जितना योगदान पर्यावरण सम्बन्धी कारणों का है उससे कंही अधिक योगदान हमारी बदली जीवनशैली है इसलिए आप इन आदतों को बदल कर ‘कमर दर्द’ से निजात पा सकते है |नई दिल्ली के उदय पार्क स्थित डी केयर सेंटर के स्त्री रोग विषेशज्ञ डॉ नंदिनी गुप्ता के अनुसार अगर हम पूरा दिन एक ही स्थिति में बैठे रहते है या कंप्यूटर डिवाइस पर काम करते हुए दिन के काफी घंटे हम बिताते है तो ऐसे में हमारी मांसपेशिया थक जाती है जबकि अगर लम्बे समय तक अपनी इस आदत को नहीं बदलते है तो यही दर्द और थकान जो है वो स्थायी हो जाती है जिसका खामियाजा हमे कमर दर्द के रूप में भुगतना पड़ता है |

किसी भी गैजेट जैसे लेपटॉप, आईफोन, कम्पुटर जैसे उपकरणों के इस्तेमाल के बिना हम अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते है जबकि जब जब हम इन्हें इस्तेमाल करते है कभी स्वास्थ्य सम्बन्धी सावधानियो पर हमारा ध्यान नहीं जाता है जिसके कारण अत्यधिक इस्तेमाल और असावधानी के चलते हमे कमर दर्द ,गर्दन दर्द जैसी समस्याओ से गुजरना पड़ता है क्योंकि इस से गर्दन और कमर की मांसपेशी में खिंचाव आ जाता है और स्थायी होने पर यह कमर दर्द में बदल जाता है |

डॉ नंदिनी गुप्ता के अनुसार फैशनेबल होना अच्छा है लेकिन आजकल के फैशन ने हमे कई तरह की शारीरिक असुविधाएं भी उपहार में दी है और जैसे की टाइट कपडे आज के फैशन की दें है | टाइट जीन्स और टाइट टीशर्ट या जैसे कि टाइट बेल्ट के इस्तेमाल से होता ये है कि हमारा शरीर तनाव की मुद्रा में आ जाता है जिसके परिणामस्वरूप मांसपेशीओं में रक्त संचार में बाधा होती है जिसकी वजह से भी कमरदर्द सहित अन्य परेशानिया सामने आती है |
कमर दर्द के लक्षण जैसे कमर के पिछले हिस्से में दर्द की शुरुआत होने लगती है |

अगर आप एक्सरे करवाते है तो उसमे आपके रीढ़ की हड्डी के बीच में जॉइंट स्पेस कम होना जो अधिक बैठे रहने के कारण हो जाते है | कमर में कड़ापन और ऐसे में अगर आप सोते है या लेटते है तो ही आपको राहत मिलती हो | दिन की शुरुआत के साथ बैठने में समस्या होना जो दिन के दौरान बढती ही जाती है |अगर इस प्रकार के लक्षण महसूस हो तो आवश्यक है कि आप किसी चिकित्सक की सलाह अवश्य लें और कमर दर्द के इन लक्षणों की अनदेखी नहीं करें अन्यथा बुढ़ापे में आपको बड़ी मुश्किलें उठानी पड़ेंगी |