ब्राह्मणों का यु पी एस सी में फ्रॉड : जानिये कैसे कम अंक पाकर भी आई ए एस बन जाते है ये : काव्या यादव
| 26 Mar 2017

वर्ष 2012 में देश की प्रतिष्ठित लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) के आंकड़ो पर गौर करें तो हम एक अलग ही हकीकत से रूबरू होते हैं !!

लिखित परीक्षा में सबसे अधिक मैरिट 42.96% SC की ,42.66% ST की , 41.03% OBC की और General Category की 39.60% रही ।

लिखित परीक्षा में 590/1750 यानि मात्र 33.71%अंक पाकर सामान्य वर्ग(General Category) वाले चयनित हो गये, जबकि 621/1750 यानि 35.48% अंक पाकर अन्य पिछडी जाति वर्ग (OBC) 660/1750 यानि 37.71%अंक पाकर अनु जनजाति (ST) और 664/1750 यानि 37.94 % अंक पाकर अनुसूचित जाति वर्ग (SC) वाले अभ्यर्थी चयनित हुए।

आंकड़ो से स्पष्ट है कि सामान्य वर्ग (General Category) के अभ्यर्थी से 74 अधिक अंक प्राप्त कर अनुसूचित जाति (SC) के अभ्यर्थी चयनित होने से वंचित रह गये, जबकि 74 अंक कम लाकर भी सामान्य वर्ग (General Category) के अभ्यर्थी IAS बन गये ।

कुल 1091 रिक्तयों के सापेक्ष 998 अभ्यर्थी चयनित किए गये जिनमें- General के 550 , OBCs के 295, SC के 169 व ST के 77 उम्मीदवार शामिल हैं। अक्सर ही साक्षात्कार में भेदभाव व जातिगत भावनाओं के आरोप लगते रहते हैं।
आइये जरा इसकी भी समीक्षा करें :

# साक्षात्कार (कुल अंक 300) में से SC बच्चों को 200 या 200 से अधिक अंक केवल 21 अभ्यर्थियों यानि 12.4% को ही दिये गये।

लिखित परीक्षा में General Category से 70 अंक अधिक लाने वाले अभ्यर्थी साक्षात्कार मे अचानक एकदम फिस्सडी कैसे हो गये इसी प्रकार ST के 77 बच्चों में से 21 यानि 27.27%, OBCs के 295 में से 72 यानी 24.4% और General Category के 190 यानी 41.5% अभ्यर्थी 200 या 200 से अधिक अंक लाने में कामयाब रहे।
आंकड़ो से स्पष्ट है कि लिखित परीक्षा में न्यूनतम अंक लाने वाले सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी साक्षात्कार में धमाल मचा देते हैं और लिखित परीक्षा में सर्वाधिक अंक लाने वाले OBC/SC/ST's के अभ्यर्थियों को नाकों चने चबा देते हैं सोचिये आख़िर क्यों ?

यह खेल है सिस्टम में कब्जा जमाये हुए उस वर्ग का जो किसी भी कीमत पर ओ बी सी/एस सी/एस टी को बढने ही नहीं देना चाहते।और वे वहाँ बैठ कर OBC/SC/STs के लिए तरह -तरह से षड्यंत्र तैयार करते हैं!!
सिस्टम में कब्जा जमाया बैठा वर्ग OBC/ST/STs के IAS Officers के विरुध्द फर्जी प्रकरण बनाकर उसका C.R. खराब करते हैं ताकि वे सेक्रेटरी पद में नहीं पहुँच पाए।
और सेक्रेटरी ही इंटरव्यू में बैठते हैं।

बाबा साहब इनके इतिहास के कुकृत्यों से परिचित थे और उनकी नीयत को अच्छी तरह जानते थे ।
इसीलिए उन्होंने आर्टिकल 16(4)में प्रतिनिधित्व(आरक्षण) की व्यवस्था की।