जानिये कैसे भारत में जल्द ही आ जाएगा अकाल और मरेंगे लाखो जानवर सिर्फ एक महीने में
| 27 Mar 2017

भारत में मांसाहार कोई नया नहीं है और न ही दुनिया की सभ्यता में अगर हम भारत में मूलनिवासियो और बौध लोगो का इतिहास देखे तो ये भी हमेशा से मांसाहार खाते रहे है ,भारत पर ब्राह्मणों का कब्जा होने के बाद भी ब्राह्मणों का इतिहास दिखाता है की ये लोग भी हमेशा हर पार्टी , और पूजा में हमेशा गोमांस का सेवन करते आये है और इसके उल्लेख इनके द्वारा लिखी गई हर किताब में मिलता है

खैर इतिहास रहा एक तरफ और वर्तमान रहा एक तरफ क्योकि आज वर्तमान में मांसहार और शाकाहार एक सांस्कृतिक युद्ध बन कर सामने आया है ठीक वैसे ही जैसे बौध और ब्राह्मणों के बीच प्राचीन काल में रहा था जब ब्राह्मणों ने गोमांस छोड़ अ अपने आपको मान्वात्वादी और सहशुं घोषित किया और अपने आपको महान साबित किया वह भी इस तरह की अपने गुलाम बनाए बौध जिनके पास खाने के लिए नहीं था और उनके सामने मरी गाय या जानवर ही दिए जाते थे खाने को

खैर अगर हम भारत में आज की स्थिथि देखे तो देश की ७५ % आबादी मांसाहारी है जिसमे ९८.६ % औरत और मर्द दोनों मांसाहारी है इसमें से भी वेस्ट बंगाल में ९८.५५ % आंध्र प्रदेश में ९८.२५ % ओड़िसा में ९७.५३ % और केरल में ९७ % लोग मांस खाते है इसके विपरीत राजेस्थान में ७३.५ % हरियाणा में ६७ % और पंजाब में ६५ % जनसंख्या शाकाहारी है

अब अगर इस देश में शाकाहार को लागू कर दिया जाए और जो की एकदम असंभव है तो भारत में सिर्फ एक हफ्ते में ही अनाज की समस्या खड़ी हो जाएगी और दुसरे हफ्ते में ही अकाल की स्थिथि होगी
इसके अलावा जानवरों के लिए चारा कम पड़ जाएगा जिसकी वजह से लाखो जानवर भूखे मर जाएंगे और उनकी लाशो को भी जलाया नहीं जा सकेगा या दफनाया नहीं जा सकेगा जिसकी वजह से कई तरह की बीमारिया फ़ैल जाएंगी
इसलिए भारत में शान्ति और अनाज की सही स्थिथि बनाए रखने के लिए मांसहार बहुत जरूरी है