मानसिक विकृति और उन्माद फैला रहा भारतीय मीडिया ,देश के लिए खतरा
| 19 Feb 2019

दिल्ली के एक छोटे से अखबार से अपना करियर जब शुरू किया तो पत्रकारिता के अंदरूनी नियम जानता था सो दिल्ली सरकार के खिलाफ जाते फीचर जो कि बॉटम लीड था उसको सम्पादक ने इशारे में उसे चेंज करने के लिए बोला , मै उसकी बात को समझा नहीं और मैंने और कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया तो स्म्दाक साहब भड़क गए और सब एडिटर को बोला पाण्डेय जी आपने इनको कुछ बताया नहीं है क्या ?? मै हैरान था कि ऐसा क्या है जिसमे मै समझा नहीं , खैर पाण्डेय जी ने बताया की हमारे अखबार की पालिसी है हम दिल्ली सरकार के खिलाफ कुछ नहीं लिखेंगे , खैर थोड़े बहुत चेंज के बाद आर्टिकल छप गया , उसी दिन पता चला की अखबार / चैनल पक्षपाती होता है वो जो बताता है वह एक पक्षीय होता है . पत्रकारिता की पहली शर्त पर ही खरा नहीं उतरता , निष्पक्षता नाम की चीज इसमें कुछ नहीं होती , कुल मिला कर इनसे इमानदारी की उम्मीद करना सिर्फ बेवकूफी होती है ,सभी पत्रकार अपनी जाति धर्म , राजनैतिक दृष्टिकोण के हिसाब से तथ्यों को तोड़ते मरोड़ते है

लेकिन जब से देश में न्यूज़ चैनल की बाढ़ आई है और एक्सक्लूसिव खबर और टी आर पी की दौड़ में निष्पक्षता , इमानदारी तो छोडो ये लोग मानसिक विकृता की हद तक खबरों का प्रसारण कर रहे है इनकी भाषा , स्टाइल , देश में सिर्फ और सिफ उन्माद फैला रहे है , सुबह से लेकर रात तक भोंपू की तरह भोंकते रहते है . चाहे किसी भी तरह की घटना हो इनका नजिरया बहुत आतंकी , , आक्रामक होता है , चाहे गोआतंक हो ,भीमा कोरेगाव हो , बाबरी मस्जिद हो , तीन तलाक हो या कश्मीर मसला या पुलवामा ऐसा लगता है की ये आपके दिमाग में सिर्फ हिंसा भर देना चाहते है ऐसा लगता है की ये लोग दंगा करवाना चाहते है .

सच्चाई दिखाने की बात तो छोडो ये तो सुबह से शाम तक इस फिराक में लगे रहते है की किस तरह देश की जनता का ध्यान कैसे मुख्य मुद्दों से भटकाया जाए यानी आज शाम तक क्या क्या फ्रॉड देश की जनता से करना है ये दिन भर यही योजना बनाते रहते है . देश में फैली गरीबी भुखमरी बेरोजगारी को कोई तरजीह नहीं स्कूल , अस्पताल से कोई मतलब नहीं बस इन्हें तो हिंसा फैलानी है देश में हिन्दू मुस्लिम दंगा करवाना है .वो भी अपने आकाओं के फायदे के लिए .
मेरे कई मनोवैज्ञानिक मित्र कहते है की अपने बच्चो को न्यूज़ चैनल से दूर रखिये क्योकि इनका मकसद सिर्फ हिंसा फैलना है , ये आपके बच्चो के दिमाग में सिर्फ जहर घोल रहे है