क्यों निकल गई है मोदी चोकीदार की हवा
| 21 Mar 2019

जन उदय : ई वी एम् घोटाले से बनी सरकार देश ने पिछले पांच सालो में जितनी मानसिक , आर्थिक , राजनैतिक यातनाये और अपमान झेला है शायद ही किसी व्यक्ति ने अपने जीवन में इतनी यातनाये और कष्ट झेले हो और खुद को सुरक्षित पाया हो हाँ ऐसी यातनाओं से सुपर हीरो बन कर निकाल या तो कोई भक्त है या किसी पोराणिक काल्पनिक कथा का नायक सच में कही नहीं है .

चलिए शुरू से शुरू करते है , जीतते के साथ ही मोदी जी ने गंगा सफाई के लिए १३५ करोड़ और बनारस घाट के पुर्ननिर्माण के लिए ४८ करोड़ आबंटित किये लेकिन वो सब इनके अधिकारिओ की जेब में गए हांसिल कुछ नहीं हुआ , धीरे धीरे जैसे समय गुजरा तो देश पर एक संकट गहराया वो था नोट बंदी और जी एस टी ने छोटे और मंझोले उद्योग और कारोबार को बर्बाद कर दिया और देश में ढाई करोड़ से ज्यादा लोग हर साल बेरोजगार होने लगे , मानिविय विकास की दर में हम पकिस्तान और बंगला देश से भी ज्यादा पिछड़ गए , बाल कुपोषण के मामले में हम लो अफ्रीका के देश रवांडा और युगांडा से भी ज्यादा पिछड़ गए

इधर विदेशो में जा जा कर विपक्ष की बुराई करने लगे यानी घर की बात को बाहर करने लगे मोदी जिससे पूरी दुनिया में देश की बदनामी हुई .

उद्योगिक उत्पादन क्षमता ७. से लेकर ४.३ % रह गई , देश के हालात लगातार बिगड़ने लगे रोहित वेमुला , गुजरात के उना काण्ड ने पुरे देश ही नहीं सारे विश्व में भारत की बदनामी करवाई , सहरानपुर के जातीय नरसंहार ने एक बार फिर भारत को मूह पर कालिख पोती , कलबुर्गी , गौरी लंकेश और अन्य बुधिजीविओ के कत्ल ने भारत में लगातार डर की भावना पैदा की , तो वही भीमा कोरेगाव की हिंसा में आर एस एस के लोगो को न सिर्फ सम्मानित किया बल्कि जातिय संहार को बड़ा दिया
देश की सभी लोकतांत्रिक संस्थाए मोदी की गुलाम हो गई और दुनिया के इतिहास में पहली बार किसी भी देश की शीर्ष अदालत के जज अपने कोर्ट से निकल कर प्रेस के सामने अपनी आजादी के लिए रोने के लिए आ गए .
इधर मोदी जी लगातार अपने भाषणों से पूरी दुनिया में अपने आपको बौधिक रूप से मुर्ख साबित करने में कामयाब भी रहे कभी सिर्फ कर्नाटक में साडे सात लाख गाव अँधेरे में कभी पच्चीस करोड़ में से सवा सौ करोड़ लोग सब्सिडी छोड़ रहे है , .

देश की धन संपदा एक दो परिवारों के नाम करने में कसर नहीं छोड़ी देश की सुरक्षा तक खिलवाड़ किया और अंत में पुलवामा हमले के नाम पर देश की जनता को बरगलाकर मूर्ख बनाने की कोशिस की गई सर्जिकल स्ट्राइक ऐसा लगा जैसे देश के लोगो के सर यानी दिमाग उनके शरीर से अलग करने की शाजिस रची गई और अंत में अब चोकीदार बनकर देश की जनता को महामूर्ख समझने की गलती मोदी जी दुबारा कर रहे है , वैसे ये भी मोदी जी का कॉन्फिडेंस देखिये की लगातार झूट पकडे जाने पर चोरी पकडे जाने पर भी ये आदमी सीना फुला कर मूह उठा कर घूमता है इसके चेहरे पर जरा सी भी शर्म ह्या नहीं कितना बेशर्म है ये की देश को मुर्ख बनाने लगा ही हुआ है
देश भक्ति के नाम पर इन लोगो ने देश को बर्बाद करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है

कमाल की बात की देश का मीडिया जगत इनके टुकडो पर पल रहा है देश में हाहकार मचा है , देश के युवा की आवाज को उनके मसलो को ज्कैसे गरीबी बेरोजगारी शिक्षा , स्वास्थ सभी मसलो को मंदिर , मस्जिद , सर्जिकल स्ट्राइक नोट-बंदी , पुलवामा चोकीदार के शोर से दबाया नहीं जा सकता . इस बात कोई शक नहीं की इस बार भी ई वी एम् की मदद से मोदी जित सकता है लेकिन सरकार नहीं बना सकता हाँ ई वी एम् भाजपा की इज्जत बचाने के काम जरूर आएगी

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