जानकार हैरान हो जाएंगे कितना बड़ा फर्जीवाडा है मोदी का :मोदी के फर्जी वाड़े : Shag Sanghi Shag
| 05 May 2019

सब कुछ है इसका तो..
मोदी ने दो बार जन्म लिया पहला "29 अगस्त 1949" को और दूसरा "17 सितम्बर 1950" को।
मोदी ने छह साल की उम्र से चाय बेचना शुरू किया। 2014 से पहले के प्रचार में "संघ के दफ्तर" के सामने और 2014 के बाद के प्रचार में "वडनगर रेलवे स्टेशन" पर।

1950 में पैदा हुए मोदी ने वडनगर रेलवे स्टेशन पर छह साल की उम्र से चाय बेची, जबकी "वडनगर रेलवे स्टेशन 1973 में बना"। जब मोदी की उम्र 23 साल होगी।

18 साल की उम्र में मोदी की शादी हुई और "2 साल बाद बीवी-घर छोड़ दिया"। तो चाय कब और कहा बेची। 😳
मोदी 2014 के पहले दिए गए हलफनामे में "अविवाहित" थे और 2014 के बाद के हलफनामे में "विवाहित" हो गए। जबकि मोदी की शादी 18 साल की उम्र में हुई थी।

मोदी ने "20 साल की उम्र में" घर छोड़ा। जबकि उनके भाई प्रह्लाद मोदी बताते है कि "मोदी घर से ज़ेवर चुरा के भागे थे" जिसके सदमे से पिता की मोत हुई। इस घटना की FIR वडनगर थाने में दर्ज हुई थी।

मोदी ने 20 की उम्र में घर छोड़ा और 35 साल भिक्षा मांगी, (जिसका कोई सबूत नही) फिर भी 10वीं और 12वीं कि पढ़ाई वडनगर में करली और दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्नातक भी कर लिया।

मोदी MA फर्स्ट क्लास थे और BA थर्ड क्लास थे। फिर भी बारहवीं फेल थे। और आठवी के बाद पढाई छोड़ चुके थे।
इमरजेंसी के टाइम मे जब मोदी भूमिगत थे तो 1978 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्नातक भी कर लिया। शायद दिल्ली यूनिवर्सिटी का एक भूमिगत एग्जाम रूम गुजरात में था।

बिना ग्रेजुएशन के सर्टिफिकेट के मोदी ने 1983 में गुजरात विश्वविद्यालय से इंटायर पोलिटिकल साइंस मे मास्टर की डिग्री लेली।
इंटायर पोलिटिकल साइंस मे पूरी दुनिआ मे सिर्फ मोदी को डिग्री मिली हुई है और गुजरात विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों ने भी ये सब्जेक्ट 2014 के बाद पहली बार सुना।

मोदी ने अकेले एडमिशन लिया और अकेले ही एग्जाम दिया और अकेले ही डिग्री ली। अभी तक कोई शिक्षक या छात्र नही मिला जिसने मोदी को पढ़ाया या साथ पड़ा।

भारत मे पहला कंप्यूटर आने से पहले ही मोदीजी की डिग्री कंप्यूटर से प्रिंट हो गयी थी।😳
मोदी को डिग्री देने से पहले और देने के 10 साल बाद तक बेचारे कर्मचारी हाथ से ही डिग्री लिखते रहे सिर्फ़ मोदी की कंप्यूटर से बनी।

जिस फॉन्ट को माइक्रोसॉफ्ट ने 1992 मे विकसित किया था वो मोदी की डिग्री में 1983 में ही प्रयोग हो चुका था।
मोदी की डिग्री भी रविवार को बनाई गई, जिस दिन सारे स्कूल कॉलेज बन्द होते है।
ये तो रहा मोदी का इतिहास जिसके सारे सबूत मौजूद हैं

बाकी जुमले, किस्से, वादे और दिखावे वर्तमान में आपके सामने हैं