भाजपा राज में पहले बढ़ा दलित-आदिवासियों का शोषण, अब 24 गुणा परीक्षा शुल्क बढ़ाकर कि या सस्ती शिक्षा पर भी अतिक्रमण
| 12 Aug 2019

भाजपा राज में पहले बढ़ा दलित-आदिवासियों का शोषण, अब 24 गुणा परीक्षा शुल्क बढ़ाकर कि या सस्ती शिक्षा पर भी अतिक्रमण
पिछले 6 सालों में भाजपा सरकार ने सबसे ज़्यादा सौतेला व्यवहार और अधिकारों पर सबसे ज़्यादा हमले दलित व आदिवासी समाज पर किए हैं।दलित,भाजपा की राजनैतिक उपेक्षा, सामाजिक शोषणव आर्थिक अनदेखी केशिकार बने हैं।

एक बार फिर संवेदनहीन मोदी सरकार ने वार किया है।इस बार नई पीढ़ी देश के भविष्य पर।
सीबीएसई (CBSE) ने अनुसूचितजाति(SC) और अनुसूचितजनजाति(ST) वर्ग के छात्रों के लिए 10वीं और12 वीं बोर्ड परीक्षा शुल्क में 24 गुणा वृद्धि कर दी है।उन्हें अब 50कीजगह 1200फ़ीस भरनी होगी।
इसी प्रकार सामान्य वर्ग के छात्रों की फ़ीस भी 100% बढ़ाई गई, 750 रुपये से बढ़ाकर 1500!

सब का साथ,सबका विकास भाजपा का वादा ना ज़मीन पर है और नाही काग़ज़ों पर है।सिर्फ़मुट्ठी भर लोगों का विकासऔरग़रीबों से विश्वासघात भाजपा सरकार की नीयत व नीतिहै।

शोषण और असमानता से लड़ने तथा दलित एवं पिछड़ों को ताक़त देने के लिए संविधान मेंआरक्षण की व्यवस्था की गई है लेकिन भाजपा सरकार देश को“रिवर्सगीयर”मेंचलारहीहै।

ऊना में दलितों कीचमड़ी कांग्रेस का घृणित कार्य, रोहित वेमुला को आत्महत्या के लिए मजबूर करना व RSS / भाजपा द्वारा संविधान में दिए आरक्षण पर हमला करना इसका जीता जागता सबूत है। भाजपासरकारमेंदलितोंहर 12 मिनिट में एक दलित अत्याचारसहने को मजबूर है।

भाजपा सरकार दलितों के साथ संस्थागत स्तर पर अन्याय करती आ रहीहै औरअब देश केभविष्य, नई पीढ़ी पर सीधा हमला कर दियाहै।विकास – न्याय – शिक्षाऔर स्वास्थ्य की बात करने वाली मोदी सरकार क्योंदलितोंको शिक्षा के हक़ से वंचित कर रही है?

भाजपा द्वारा संस्थागत तरीक़े से दलितों से भेद-भाव व अत्याचार के अनेकों ज्वलंत उदाहरण हैं, जैसे कि :-

1. अनुसूचितजातिकेछात्रोंकेवजीफेमेंभारीकटौती

I. अनुसूचित जाति के छात्रों को 10वीं कक्षा के बाद दी जानेवाली छात्रवृत्तिमें साल2019-20 केबजटमें 3000करोड़रु. की कटौती की गईहै।
बजट2018-19 (रिवाईज़्ड) - 6000करोड़
बजट2019-20 - 2926करोड़

II. SC विद्यार्थियोंकी PhD स्कॉलरशिप राशि में भी भाजपा सरकारने₹ 400करोड़ की कटौती कीहै।
बजट2014-15 - ₹602करोड़
बजट2019-20 - ₹283करोड़

III. मैला साफ करनेवाले गरीबों को मकान वव्यवसाय देने के बजट में भी300% तक कीकटौती हुई है।
बजट2014-15 - ₹439करोड़
बजट2019-20 - ₹110करोड़

2. अनुसूचितजातियों के आरक्षण पर हमला

राष्ट्रीयस्वयंसेवकसंघकेप्रमुख, श्रीमोहनभागवतवप्रचारमंत्री, मनमोहन वैद्य ने खुलेआम आरक्षण को खत्मकरने की वकालत कीहै।भाजपाई सदैव गरीबोंकेआरक्षणके खिलाफ रहे हैं।पूरा देशजानता हैकिपहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघए जेंडा तयकरता है और भाजपा की सरकार फिर इसेलागू करतीहै।अब भीआरक्षण से छेड़छाड़ भाजपाका षडयंत्रकारी एजेंडाहै।


3. SC/ST अत्याचारनिरोधककानूनकोखत्मकरनेकीभाजपाईसाजिश

20 मार्च, 2018में भाजपा सरकारके षडयंत्रकारी व मुक़दमे की पैरवी के जानबूझ कर अनदेखी के चलते अनुसूचित जाति व आदिवासियों पर अत्याचार रोकने वालेकानून को अदालत में खारिजकर दिया।इस क़ानून कोकांग्रेस ने अनुसूचितजातियों पर होनेवाले अत्याचार को रोकने केलिएबनाया था।आखिरमें जब कांग्रेसनेदेश की संसदकोरोका, तो भाजपा सरकारने 1 अगस्त, 2018कोकानूनका संशोधन मंजूरकिया।
परंतुभाजपासरकारनेफिरनयाषडयंत्ररचतेहुएदलितोंकेअधिकारोंकेसंरक्षणवालेइससंशोधनकानूनकोभीसुप्रीमकोर्टमेंचुनौतीदिलवारखीहै।भाजपाकालक्ष्यहैकिगरीबोंकेशोषणकोरोकनेवालायहकानूनहमेशाकेलिएकानूनकीकिताबसेखत्महोजाए।


4. SC/ST सब-प्लानकाखात्मा

साल2010मेंकांग्रेससरकारनेयहअनिवार्यकरदियाकिसरकारकेबजटमेंदलितोंवआदिवासियोंकीजनसंख्याकेआधारपरबजटकाहिस्सासुनिश्चितकरनाअनिवार्यहैयानिजितनेप्रतिशतदलितोंवआदिवासियोंकीजनसंख्याहोगी, बजटकाउतनाहीप्रतिशतदलितों/आदिवासियोंकेलिएदेनाहोगा।यानिअबदलितोंकीजनसंख्याकेआधारपरउनकेकल्याणकेलिएबजटदेनाअनिवार्यनहीं।

5. दलितों पर बेहिसाब अत्याचार

राष्ट्रीय क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो(NCRB)की 2016की रिपोर्ट केमुताबिक दलितअत्याचारके 40,801मामले दर्ज किए गए, यानि हर12मिनट में देश में एक दलित पर अत्याचार हो रहा है।यह दलितों के खिलाफ हो रहे अपराधमें 25%बढ़ोत्तरीहै।
भाजपा सरकार ने दलित अत्याचार के2016-17 के बाद केआंकड़े ही छिपा दिए हैं, क्योंकि ये बहुतही अधिकहैं।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस माँग करती है कि भाजपा सरकार 24 गुणा फ़ीस की वृद्धि को तुरंत वापिस करे। सामान्य वर्ग के लिए की गयी दो गुणी फ़ीस वृद्धि को भी वापिस करे। अगर सरकार ऐसा नहीं करती तो ये साबित हो जाएगा कि बाबा साहब के सपने “शिक्षित बनो,संघर्ष करो”को धूमिल करने का भाजपा सरकार का ये एक और प्रयास है।