गुरु रविदास मंदिर तोड़ने के विरोध में भीम सेना और दलित समाज का प्रदर्शन। मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी।
| 13 Aug 2019

गुरु रविदास मंदिर तोड़ने के विरोध में भीम सेना और दलित समाज का प्रदर्शन। मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी। जिला उपायुक्त को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। 21 अगस्त को दिल्ली में विशाल प्रदर्शन का ऐलान।

गुरुग्राम। राजधानी दिल्ली के तुगलकाबाद में गत 10 अगस्त को 600 साल पुराने प्राचीन संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर को सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तोड़ दिया गया। दलित समाज का आरोप है कि सरकार ने साज़िश के तहत सुप्रीम कोर्ट में गलत तथ्य पेश किए और गुरु रविदास मंदिर को जबरन तुड़वा दिया गया। जबकि मंदिर की मलकियत से जुड़े सभी कागजात मंदिर कमेटी के मौजूद है जिन्हे अनदेखा करके असंवैधानिक रूप से मंदिर को तोड़ा गया है। इस घटना से पूरे देश में रोष व्याप्त है और पूरे देश में इस घटना के विरोध में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

मंगलवार को अखिल भारतीय भीम सेना और दलित समाज ने जिला मुख्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भीम सेना के पदाधिकरियों ने चेतावनी दी है कि जल्दी गुरु रविदास मंदिर को पुनः स्थापित नहीं किया गया तो पूरे भारत में चक्काजाम किया जाएगा। यदि इस दौरान यदि हालात बिगड़ते हैं तो इसकी जिम्मेदार मोदी सरकार होगी। घटना के विरोध में 21 अगस्त को दिल्ली में विशाल प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। आने वाली 21 अगस्त को देश भर से लोग अम्बेडकर भवन रानी झांसी रोड इकट्ठा होंगे और जंतर-मंतर पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। भीम सेना और दलित समाज के लोगों ने राष्ट्रपति के नाम जिला उपायुक्त को 4 सूत्रीय मांगों के साथ ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिर को पुनः स्थापित करने की मांग की गई है। सरकार द्वारा संसद में विधेयक पास करके सुप्रीम कोर्ट के आदेश को बदलने के साथ-साथ अदालत में गलत तथ्य पेश करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की गई है। भीम सेना ने देश के राष्ट्रपति को मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने को कहा है। भीम सेना के पदाधकारियों की मांग है कि मामले में महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी तुरंत हस्तक्षेप करके गुरु रविदास जी मंदिर को पुनः स्थापित करवाएं अन्यथा इस्तीफा दें।

अखिल भारतीय भीम सेना के राष्ट्रीय प्रभारी अनिल तंवर ने बताया कि गुरु रविदास के प्राचीन मंदिर को तोड़ा जाना सरकार की दलित विरोधी मानसिकता का परिणाम है। यदि मंदिर को दोबारा से उक्त जगह स्थापित नहीं किया गया तो पूरे देश में चक्काजाम किया जाएगा। यदि इस दौरान हालात बिगड़ते हैं तो मोदी सरकार इसकी जिम्मेदार होगी। भीम सेना संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर ने बताया कि मोदी सरकार एक तरफ दलितों के साथ प्रेम का नाटक कर रही है और दूसरी तरफ दलित समाज के महापुरुषों और उनकी विरासत को नेस्तनाबूत कर रही है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तंवर ने बताया कि घटना के विरोध में आने वाली 21 अगस्त को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशाल विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। पूरे देश से लोग अम्बेडकर भवन रानी झांसी रोड दिल्ली इक्कठा होंगे और जंतर-मंतर के लिए पैदल कूच करेंगे। जंतर-मंतर पर सरकार के इस फैसले के विरोध में प्रदर्शन किया जाएगा। गुरुग्राम जिला उपायुक्त ने आश्वासन दिया है कि गुरु रविदास मंदिर से जुड़ी सभी मांगों को देश के राष्ट्रपति तक भेज दिया जाएगा। प्रदर्शन मं मुख्य रूप से भीम सेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर, राष्ट्रीय प्रभारी अनिल तंवर, हरियाणा प्रदेश महासचिव मीतू रविदासिया, गुरुग्राम जिलाध्यक्ष कैलाश रंगा, जिला महामंत्री सचिन वाल्मीकि, सी पी एस रंगा, दलित नेता रविन्द्र तंवर, प्रताप कदम, अभय कटारिया, रामे प्रधान, बलदेव मेहरा एडवोकेट, सीताराम नंबरदार, रामकिशन पूनिया, कमल एडवोकेट, अम्बेडकर सभा के अध्यक्ष श्रवण कुमार, अम्बेडकर सभा बादशाहपुर योगेश कुमार, धर्मवीर परवाल, जगबीर फुलिया, डा० श्यामलाल, जयभगवान तंवर, अमित कन्हई आदि सैकड़ों लोग मौजूद थे।