प्रधानमंत्री ने फिट इंडिया अभियान शुरु किया
| 29 Aug 2019

प्रधानमंत्री ने फिट इंडिया अभियान शुरु किया

नया भारत फिट भारत होना चाहिए - प्रधानमंत्री

अपनी जीवन शैली बदलें, फिटनेस को आदत बनाएं, प्रधानमंत्री का देशवासियों से आग्रह

फिटनेस हमारी ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा - प्रधानमंत्री

नए भारत को फिट भारत बनाने के लिए एक स्वस्थ व्यक्ति, एक स्वस्थ परिवार और एक स्वस्थ समाज आवश्यक - प्रधानमंत्री


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आज नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में फिट इंडिया आंदोलन की शुरूआत की। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से आग्रह किया कि वे फिटनेस को अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाएं।

मेजर ध्यानचंद के जन्म दिवस पर जन आंदोलन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने अपने खेल और तकनीक से दुनिया का दिल जीतने वाले भारत के खेल प्रतिमान मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने देश के उन युवा खिलाड़ियों को बधाई दी जिन्होंने अपने प्रयासों से विश्व मंच पर तिरंगा लहराया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन खिलाड़ियों के पदक न केवल उनके कठोर परिश्रम का परिणाम है बल्कि नए भारत के जोश और नए विश्वास की झलक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘फिट इंडिया आंदोलन’ राष्ट्रीय लक्ष्य और उसकी महत्वकांक्षा बनना चाहिए। देश को उत्साहित करने का प्रयास करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि फिट इंडिया आंदोलन को सरकार द्वारा शुरु तो किया जा सकता है लेकिन इसकी अगुवाई लोगों को करनी होगी और इसे सफल बनाना होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सफलता का संबंध फिटनेस से है औऱ जीवन के किसी भी क्षेत्र में प्रतिमान स्थापित करने वाले लोगों की सफलता में एक समानता है और उनका फिट रहना, फिटनेस पर ध्यान देना और फिटनेस की चाहत रखना।

प्रधानमंत्री ने कहा “प्रौद्योगिकी ने हमारी शारीरिक क्षमता कम कर दी है और हमारी फिटनेस की आदत छीन ली है तथा आज हम अपनी परंपरागत कार्यप्रणालियों और जीवनशैली से अनभिज्ञ हो गए हैं, जो हमें स्वस्थ रख सकती हैं। समय के साथ हमारे समाज ने फिटनेस को कम महत्व देकर खुद से दूर कर दिया है। पहले एक व्यक्ति कई किलोमीटर पैदल अथवा साइकिल पर चलता था, आज मोबाइल ऐप हमें बताता है कि हम कितने कदम चले हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत में आज जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं और उससे युवा भी प्रभावित हो रहे हैं। डायबिटीज और हाइपरटेंशन के मामले बढ़ रहे हैं और यहां तक की भारत में बच्चों में भी यह बीमारियां देखने को मिल रही हैं। लेकिन जीवनशैली में मामूली बदलाव से जीवनशैली से जुड़ी इन बीमारियों से बचा जा सकता है। फिट इंडिया आंदोलन जीवनशैली में मामूली बदलाव लाने का एक प्रयास है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी पेशे से जुड़े लोग अपने पेशे में और प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं यदि वे मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहे। यदि शरीर फिट है तो आप मानसिक रूप से भी फिट हैं। खेलों का फिटनेस से सीधा संबंध है। लेकिन फिट इंडिया आंदोलन का उद्देश्य फिटनेस से भी आगे बढ़कर है। फिटनेस केवल एक शब्द नहीं है बल्कि एक स्वस्थ और समृद्ध जीवन का आवश्यक स्तंभ है। जब हम लड़ाई के लिए खुद को तैयार करते हैं, हम देश को लोहे की तरह मजबूत बनाते हैं। फिटनेस हमारी ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा है। भारत के हर कोने में फिटनेस से जुड़े खेल और खेल-कूद होते हैं। शरीर को तैयार करते समय शरीर के अंगों पर अधिक ध्यान देकर और शरीर के हिस्सों के बीच तालमेल बनाकर दिमाग को भी शिक्षित किया जाता है। नए भारत को फिट भारत बनाने के लिए एक स्वस्थ व्यक्ति, एक स्वस्थ परिवार और एक स्वस्थ समाज आवश्यक है।

प्रधानमंत्री ने कहा स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज यही नए भारत को श्रेष्ठ बनाने का रास्ता हैं। आज राष्ट्रीय खेल दिवस पर हम फिट इंडिया आंदोलन को मजबूत बनाने की प्रतिज्ञा करते हैं।