गणतंत्र दिवस परेड में आखिर क्या था भारत के पास इतराने लायक ?? मो. मिनाज़
| 26 Jan 2020

कहाँ गए वे भारत माता के लाल? किसी ने गणतंत्र दिवस परेड में करणी सेना की यूनिट देखी?

किसी नागरिक ने गौ रक्षा दल, एन्टी रोमियो स्क्वाड, घर वापसी दल, लव जिहाद प्रतिक्रिया दल के दस्ते देखे?

किसी देशवासी ने हिन्दू वाहिनी, दुर्गा वाहिनी, राम सेना, राजपूत सेना, परशुराम सेना के जवानों की त्रिशूल और तलवारबद्ध जवानों को राजपथ पर देखा? किसी मासूम भक्त ने आज गाय, गोबर , गौ मूत्र, इनसे आणविक विकरण रोकने, ऑक्सीजन उत्सर्जन करने, न्यूक्लिअर अटैक को निष्प्रभावी करने वाली कोई झांकी देखी?

किसी सज्जन ने पकौड़ा रोज़गार मंत्रालय की कोई झांकी देखी हो? किसी ने पसीना फेयरनेस ग्लो क्रीम, नाले की गैस से ईंधन का प्रयोग, गणेश की सर्जरी, अर्जुन के बाणों की neuclear विस्फोट क्षमता, गौ मूत्र छनन स्वर्ण कण निर्मित कलकारखानों की झांकी ही देखी?

अबे किसी ने काली टोपी, खाकी पेंट पहन लट्ठ हाथ में लिए तीन दिन में सेना से भी जल्दी तैयार हो सीमा पर युद्धरत होने की शेखी मारने वाले संघियों का दस्ता ही राजपथ पर देखा?

घंटे के देशभक्त!
घंटे के राष्ट्रवादी!
राष्ट्र निर्माण में घंटे का योगदान ?

विदेशी टेक्नोलॉजी और विदेशों से आयातित मांगी गई ताक़त के भौंडे प्रदर्शन से बेहतर 71 वे गणतंत्र का लोक समारोह शाहीन बाग़ में मना। जहां आज की तारीख में लागू हुए संविधान की मूल आत्मा को बचाने के लिए लोगों ने संघर्ष का अहद किया।

संविधान के लागू होने और गणतंत्र घोषित होने की 71वी सालगिरह पर संविधान निर्माण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने वाले बाबा साहिब भीमराव अम्बेडकर जी को सादर नमन।