आज फिर एक गोडसे ने गांधी पर गोली चलाई।
| 30 Jan 2020

.माननीय मोदी जी और अमित शाह से "एक सवाल"

देश के गद्दारों को , गोली मारो सालों को....ये नारा आपके मंत्रियों द्वारा मंच से बार बार लगाया गया और जनता को उकसाया गया हिंसक होने पे। जिसका परिणाम आज जामिया पे हो रहे प्रदर्शन मे देखने को मिला जब एक शख्स ने तमंचे से गोली चला दी ये कहते हुए की " ये लो आजादी" माननीय महोदय , क्या आप और आपके मंत्री गण देश मे हिंसा कराना चाहती है ? क्या आप देश मे दंगा करवाने के मकसद से अपने मंत्रियो से इस तरह के बोल बोलवा रहे हैं ?

क्या आप और आपकी पार्टी इस स्तर तक नीचे गिर चुकी है की अब सत्ता पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं ?

मासूमो पर देशद्रोह का चार्ज लगाने वाले क्या आप इन लोगों पर केस दर्ज करेंगे ?

क्या इन पर कोई कारवाई होगी या इन्हे सिर्फ इसलिए छोड़ दिया जाएगा क्योंकि ये भाजपा पार्टी से बिलॉंग करते हैं।


आपको बता दें की इस फायरिंग में एक शख्स जख्मी भी हुआ है. इस घटना के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया है. दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध में उत्तरी राज्यों के हजारों लोग और छात्र संगठनों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया.

इनमें से बहुत से लोग ऐसे थे जो दक्षिणी दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में चल रहे सीएए विरोधी धरने का भी हिस्सा रहे हैं.

सामाजिक संगठन ‘युनाइटेड यूथ ब्रिगेड' के एक जिम्मेदार मेराज खान ने कहा की ये हिंसा भाजपा के मंत्रियों की लगाई चिंगारी का नतीजा है। ऐसे लोगों पर सख्त कारवाई हो।

“हमारी मांग है कि सरकार सीएए, एनआरसी और एनपीआर के गठजोड़ को वापस ले और आंदोलनकारी साथियों को जिन्हे गिरफ्तार किया गया है उन्हे जल्द से जल्द रिहा किया जाए। वही फिरोज खान ने बताया की हम भाजपा के बल्बोले मंत्री कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर पे सख्त कारवाई की मांग करते हैं।

जबकि एम ए उस्मानी अपने ट्विटर के माध्यम से लिखते हैं की आप Chronology समझिए
(1)पहले गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी को गोली मारी

(2)पिछले कई दिनो से भाजपा के मंत्री अनुराग ठाकुर समेत कई नेताओं द्वारा ये नारा लगाना की "गोली मारो सालों को" और आज एक बार फिर से 30 जनवरी 2020 को गोडसेवादी ने एक गांधीवादी छात्र पे पुलिस और मीडीया के सामने गोली मारी।

आगे एम ए उस्मानी मोदी - शाह को एंटीनेशनल बताते हैं।