लॉक डाउन है लेकिन लैब और डॉक्टर नहीं : बड़ी ही बेशर्म और क्रूर सरकार है ये
| 25 Mar 2020

जन उदय : मोदी जी ने देशव्यापी लॉक डाउन किया सभी को बहुत पसंद आया क्योकि करोना जैसी महामारी से निपटने के लिए अब तक सिर्फ और सिर्फ एक यही रास्ता है , हलांकि इससे भी दहाड़ी मजदूर , गरीब लोग काफी परेशान है क्योकि उनके पास न तो घर है न ही पक्की नौकरी और न ही खाने पीने का सामान सो ऐसे लोग दिल्ली का हर महानगर के बाहर हाईवे पर आपको पैदल चलते हुए नजर आयंगे , हलांकि हर राज्य सरकार ने ऐसी लोगो को पैसे अनाज और खाने के सामान से साहयता की घोषणा की है लेकिन अब तक ये घोषनाए सिर्फ और सिर्फ स्टंट ही साबित हुई है क्योकि किसी को भी ऐसी सहयता नहीं दी गई और और न ही सहयता देने की कोई कवायद शुरू की गई है जैसे सबसे पहले ऐसी लोगो को चिन्हित किया जाना चाहिए था वो अभी तक नहीं हो पाया है

प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी ने स्वास्थ सेवाओं के लिए १५००० हजार करोड़ की घोषणा की है लेकिन वो कहा दे दिए कैसे देंगे उस पर भी कुछ नजर नहीं आ रहा है हलांकि बार बार राष्ट्र के नाम संबोधन पर कर टीवी पर आकर सिर्फ और सिर्फ भगवा राजनीती का घिनोना खेल , खेल रहे है करोना को जवाब करुना से देंगे और ये महाभारत है महाभारत १८ दिन तक लड़ा गया , इसको इक्कीस दिन तक लड़ा जाएगा , प्रधानमंत्री के ऐसे ब्यान ऐसे लगता है कि जैसे मोदी या भजपा को सिर्फ अपनी गन्दी राजनीती से मतलब है न की देश से या समस्या से , कोई भी समझदार व्यक्ति मोदी के आज के भाषण सुन कर हंस पढ़ेगा , और सोचने पर मजबूर हो जाएगा कि कैसा सिरफिरा आदमी है ये की संकट की ऐसी घड़ी में भगवानो को देविओ को याद कर रहा है , अगर ऐसे ही है तो बजवाओ पुरे देश में ताली और थाली बंद करो अस्पताल , करवाओ हवन और लोगो को छोड़ दो उनके हाल पर

आज उत्तर प्रदेश में योगी जी ने राम मंदिर की पूजा की अपने उत्सव वाले सारे कार्य किये गए
योगी जी ने घोशनाए तो बहुत की है लेकिन बड़ी हंसी आती है जब योगी जी कहते है हमारे पास २५० एम्बुलेंस है , कमाल है २३ करोड़ की आबादी और २५० एम्बुलेंस

इसके अलावा सबसे बड़ी बात की देश में कैरोना की जांच के लिए उपलब्ध प्रॉपर लैब नहीं है सही ढंग के तकनीशियन नहीं है महाराष्ट्र सरकार ने स्वीडन से १२ तकनीशियन बुलवाए है क्योकि यहाँ पर होने वाले टेस्ट सही नहीं थे और यही कारण रहा कि यहाँ पर कोरोना इतना फ़ैल गया

बड़ी बेशर्मी से दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार कह रही है की हमने निजी लैब को इजाजत दे दी है १५००० सैंपल कलेक्शन सेंटर बन गए है आदि आदि , लेकिन ये नहीं बता रहे कि ये लैब पैसे कितने मांग रही है और संकट की इस घड़ी में ऐसा क्यों हो रहा है ?? बल्कि इन लैब को और पैसा भी दिया जा रहा है , किस लिए पता नहीं सरकार को बेशर्मी छोड़ सोशल डिस्टेंस और लॉक डाउन के साथ साथ लैब और डॉक्टर उपलब्ध कराने होंगे