जानिये कैसे कोरोना ने नहीं मोदी के फैंसले करेंगे देश को बर्बाद.
| 17 May 2020

जन उदय : लॉक डाउन भारत में सिर्फ एक महामारी बन कर नहीं आया बल्कि भारत की बर्बादी को लेकर आया और यह बर्बादी एकदम निश्चित थी लेकिन इसके बीच एक रोड़ा था वो था की सरकार का क्या रुख होगा लॉक डाउन के बाद यानी सरकार क्या राहत देती है कारोबारिओ को इस लॉक डाउन में अब भी

करोड़ों प्रवासी मजदूर, जो विभिन्न राज्यों में फंसे हैं, उन्हें उनके घर तक भेजने की कोई योजना सरकार के पास नहीं है, जबकि एक माह में ही 300 से ज्यादा मजदूरों की मौत हो चुकी है। इस संकट के कारण देश में बेरोजगारी दर 7.5% से बढ़कर 23.6% पर पहुंच गई है तथा 8.5 करोड़ रोजगारशुदा लोग बेरोजगार हो गए हैं। और ये संख्या लगातार बढ़ रही है

सरकार ने जिस लोन moretirium की सुविधा दी थी लेकिन अगर इसको बढ़ाया नहीं गया और इस अवधि का ब्याज नहीं हटाया गया तो यह सुविधा ही सबसे पहला फंदा बन गया है जिसे सरकार ने अपनी योजनाओं से कास दिया है यानी फांसी पक्की जबकि सरकार को चाहिए की moretirum की अवधि बढाए और ब्याज माफ़ करे


प्रधानमंत्री ने १२ तारीख को अचानक घोषणा कर दी की शाम को दर्शन देंगे टीवी पर ऐसा इसलिए भी बताया जा रहा है कि गुजरात में चुनाव में हुई धांधली सामने आ गई और इसी मुद्दे को छिपाने के लिए अचानक मोदी जी ने दर्शन देने की बात कही इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बुधवार को 20 लाख करोड़ रुपये के स्पेशल आर्थिक पैकेज के बारे मे प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिटेल दीं. इस दौरान वित्त मंत्री ने एमएसएमई, टैक्सपेयर्स, रियल एस्टेट, कॉन्ट्रैक्टर्स, एनबीएफसी आदि के लिए कई बड़े एलान किए. वित्त मंत्री ने कहा कि आज से अगले दो दिन तक हम आत्मनिर्भर भारत पैकेज के बारे में डिटेल देंगे. इन दो दिनों में 15 कदम उठाए जाएंगे.

इसके तहत पहला कारोबारों के लिए रहा. इसके तहत MSME, कुटीर, गृह उद्योगों आदि कारोबारों के लिए 3 लाख करोड़ रु के कोलेट्रल फ्री ऑटोमेटिक लोन का एलान किया गया. वित्त मंत्री ने कहा कि देश का एमएसएमई करीब 12 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार देता है. ऐसा खा जा रहा है इस एलान से 45 लाख यूनिट्स को फायदा होगा. 31 अक्टूबर 2020 तक कोई गारंटी नहीं देनी होगी. कर्ज की समयसीमा 4 वर्ष की होगी. पहले वर्ष मूलधन नहीं चुकाना होगा.

लेकिन जो लोग बैंक से मिल चुके है वो जानते है की बैंक इतनी आसानी से लोन नहीं देता और न ही देगा इसके लिए लोन लेने वालो को पापड़ बेलने पढेंगे

इसके अलावा एक बात थी लोन deferment में की और लोन moretirium की जिसकी वजह से छोटे कारोबारी लाखो पहले से लाखो के कर्ज के नीचे आ चुके ऐसे में कुछ संस्थाओं की मांग थी की इन तीन महोनो को जिसमे moretirium की अवधि को बढया जाए और ब्याज आदि को खत्म किया जाए लेकिन सरकार ने यह नहीं किया और अब अगर सरकार लोन दे भी दे तो इनका बहुत बड़ी रकम का हिस्सा केवल पिछला ब्याज और ई एम् आई चुकाने में ही चला जाएगा

मोदी जी ने जिस वरदान की बात की वो सिर्फ बाते है और इस तरह के हालात बनाने के लिए अभी सरकार की तरफ से ही पहल हो सकती थी लेकिन नहीं हुई
मोदी जी सिर्फ बातो का हलुआ बनाते रहते है जमीन पर कभी नहीं आते इसलिए यह अब संभव नहीं इसके बाद मोदी जी की सरकार यही नहीं रुकी है अब आर्डिनेंस फैक्ट्री में ४९ % की जगह ७४ % ऍफ़ डी आई हो जाएगी एक तरह तो मोदी जी कहते है स्वेदेशी अपनाओ दूसरी तरफ खुद घरेलू नवरत्नों और कम्पनियो के बेच भारत को विदेशो पर निर्भर करते जा रहे है ,कोल ब्लाक निजी कम्पनियो को बेचने का मतलब भी साफ़ है की किस तरह मोदी सरकार जन विरोधी निति अपनाए हुए है



प्रवासी मजदूरों के लिए क्या?

• 2 महीनों के लिए प्रवासी मजदूरों के लिए मुफ्त अनाज प्रत्येक व्यक्ति
• बिना कार्ड के भी चावल/गेहूं और चना मिल सकेगा। चना सिर्फ एक किलो महिना
• राज्य सरकारों की जिम्मेदारी होगी कि उन तक कैसे अनाज पहुंचाया जाए।
• केंद्र सरकार इसका खर्च उठाएगी, 3500 करोड़ रुपये का आएगा खर्च।
• 10 से कम कर्मचारियों वाली कंपनी में ईएसआई की सुविधा होगी।
• जो नैशनल फूड रजिस्टर में नहीं आते उनको भी मिलेगा। 8 करोड़ प्रवासी मजदूर होंगे लाभान्वित

कम किराये पर मिलेगा घर

• प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों के लिए अफोर्डेबल रेंटल आवास की योजना लाई जाएगी।
• जहां मजदूर काम करते हैं, इससे वहीं रहने की सुविधा मिल सकेगी।
• उद्योगपति अपनी जमीन पर बनाना चाहें तो उन्हें इन्सेंटिव दिया जाएगा या राज्य सरकारों को प्रेरित कर ऐसे आवासीय इंतजाम करवाए जाएंगे।

रेहड़ी पटरी वालों को मिल सकेगा लोन

• रेहड़ी-पटरी पर दुकान लगाने वालों, ठेला चलाने वालों और या घरो में काम करने वालों के लिए 10000 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।
• 50 लाख रेहड़ी वालों के लिए स्पेशल क्रेडिट फेसिलिटी।
• शुरुआत में वर्किंग कैपिटल करीब 10 हजार रुपये मिलेंगे जिससे कारोबार की शुरुआत हो सके।
• डिजिटल पेमेंट करने वालों को इनाम मिलेगा। उन्हेंर 10 हजार से ज्यादा राशि मुहैया कराई जा सकेगी।
• लेकिन इसकी शर्ते क्या होगी यह नहीं बताया वैसे बैंक ईतनी आसानी से लोन नहीं देता

शिशु मुद्रा लोन

शिशु मुद्रा लोन में रिजर्व बैंक ने तीन महीने का मोराटोरियम दिया है, लेकिन इसके बाद समस्या हो सकती है तो शिशु मुद्रा लोन में 50,000 रुपये तक लोन लेने वाले को मॉरिटोरियम के बाद 2 फीसदी सबवेंशन स्कीम यानी ब्याज में छूट का फायदा अगले 12 महीने के लिए होगा। 3 करोड़ लोगों को इससे कुल 1500 करोड़ रुपये का फायदा होगा
यह योजना पहले से ही थी और इसमें बैंक ने श्याद ही पुरे देश में पांच लाख लोगो को पहले लोन दिया हो आगे दे देंगे वो भी आसानी और जल्दी से ऐसा संभव नहीं है

किसानों को क्या मिला?

• 3 करोड़ किसानों के लिए 30 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड की सुविधा।
• नाबार्ड जो 90 हजार करोड़ देता है उसके अतिरिक्त है यह पैसा।
• रबी फसल के लिए छोटे और सीमांत किसानों के लिए खर्च किया जाएगा।
• सिर्फ रबी फसल की कटाई और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए नहीं बल्कि खरीफ की तैयारी के लिए भी इस्तेमाल होगा।
• यह सीधे RRB आदि के जरिए किसानों तक पगुंचेगा।
• छोटे किसानों को रियायती दरों पर 4 लाख करोड़ का लोन मिलेगा, कर्ज के ब्याज पर 31 मई तक छूट दी जाएगी।
• मछुआरों और पशुपालन करने वालों को भी किसान क्रेडिट कार्ड से मदद मिलेगी। रियायती दर पर कर्ज मिलेगा।
किसानो की योजनाये पहले से ही है उनकी समस्या और एम् स पी आदि है लेकिन कोई समाधान नहीं ऐसे में ये सिर्फ घोशनाए है
अन्य बड़े ऐलान....

6 से 18 लाख सालाना आय वाले मिडिल इनकम ग्रुप के लिए क्रिडिट लिंक्ड सब्सिडी को मार्च 2021 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। 3.3 लाख मिडिल क्लास परिवारों को फायदा मिला था, अब इसमें 2.5 लाख परिवारों को फायदा मिलेगा। 70 हजार करोड़ रुपये की इन्वेस्टमेंट आएगी। इससे स्टील सीमेंट, ट्रांसपोर्ट के लिए मांग बढ़ेगी, इसलिए डिमांड बढ़ेगी और रोजगार मिलेगा। इसके अलावा, वन नेशन वन राशन कार्ड योजना का काम 31 मार्च 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा।

कुल मिला कर मोदी जी ने भाजपा ने इस देश के लोगो को छला है इस देश को धोखा दिया है और अगर देखा जाए तो इस देश को बर्बाद करने में साहयक शक्ति में मोदी एक बहुत बड़ी शक्ति साबित होंगे
अब इसके बाद ८५ % देश की जनता बर्बाद हो चुकी है और उनके हलात काफी खराब होंगे
मोदी जी और उनके भक्त मीडिया के जरिये इस देश को दबाते रहेंगे मुर्ख बनाते रहंगे कोई अगर सच लिखेगा या बोलेगा तो उस पर देशद्रोह का मुकदमा लगेगा यह भी हो सकता है देशद्रोह के कानून में बदलाव हो और जिस पर केस लगेगा उसे गोली भी मार देने का कानून आ सकता है
इस घोषणा के बाद भी लोग सडको पर पैदल चल रहे है लेकिन इनके बारे में कुछ नहीं ये बहुत दुखद और डराने वाला वक्त है

ये बहुत कमाल की बात है सामाजिक और मानसिक रूप से जो हानिया हुई है उसको तो हम गिन ही नही रहे है लेकिन इसके भी अपने साइड इफ़ेक्ट होते है जिसमें परिवार टूटते है और अपराध भी बढ़ते है

मजदूर कानून , न्यायपालिका और सरकार जिस तरह काम कर रहे है उससे ऐसा लगता है अब भारत में वही संघ का स्वप्न पूरा होने वाला है यानी पुरोहित वाद जिसमे पूंजीपति राज करेंगे , गरीबो को न्याय नहीं मिलेगा उत्पीडन बढेगा ,कानून अमीरों की रखैल बनकर रह जाएगा , गरीबी भुखमरी बढ़ेगी , अशिक्षा बेरोजगारी बढ़ेगी स्वास्थ सेवा गरीबो के लिए नहीं होंगी सरकार सिर्फ नाम की सरकार बल्कि एक कारिंदे की तरह काम करेंगी , और कुल मिला कर लोकतंत्र बर्बाद

20 lac crore as relief package , lockdown relief package for poor .MSMEs unemployment in country , Indian lock down , corona lockdown
Post covid 19 economy in India