जानिये कौन है माता पिता , डरपोक ,निर्बल .निर्लज्ज भगवान के
| 16 Apr 2016

जन उदय : क्या आप जानते है कि भगवान् कौन है ,कहा है कैसा है ?? शायद नहीं सिवाय इसके कि कुछ लोग इसकी रचना आकर लेते है अपने आपको भगवान् का एजेंट कहते है बताते है की उनका संदेश लेकर आये है साथ में ये भी बता देते है की भगवान् ने उनको कुछ लाइसेंस दिया है

खैर भगवान् कही नहीं होता उसका अस्तित्व जब तक रहता है जब तक समाज में विषमता रहती है ,दुःख दर्द रहता है , तकलीफ रहित है बेरोजगारी रहती है , सबसे बड़ी बात जब जीवन में कुछ भी निश्चित न हो और चारो तरफ से इंसान मुसीबतों से घिर जाता है तब वह भगवान् के पीछे पीछे भागने लग जाता है वह सोचता है की उसके हाथ कोई ऐसी शक्ति है जो उसे सारी मुसीबतों से बाहर निकल देगी , जबकि कोई भी मुसीबत , समस्या तब तक सोल्व नहीं हो सकती जब तक उसे सोल्व करने के लिए व्यक्ति खुद खड़ा नहो हो जाता

आपको इस बात का भी शायद यकीन नहीं होगा की आपका भगवान् उतना ही बलवान और शक्तिशाली है जितना शक्तिशाली आपका विशवास और आस्था , अगर आपकी आस्था कमजोर है तो आपको भगवान् भी कमजोर होगा
आपको यह भी शायद यकीन नहीं होगा की आपका भगवान् भाषा भी वही जानता है जो आप जानत है और उसको भोग , उसका माहोल वही होता है जो आपका होता है यानी भगवान् वही भाषा और संस्क्रती को जानता है जो आपकी है
आप लाख मुशीबत में होते है लेकिन भगवान् कभी नहीं आता , कभी नहीं सुनता केवल आपने जो कर्म किये होते है उसी के आधार पर आगे का फैसला आ जाता है बाकी कुछ नहीं होता

हाल ही में पुत्निग्ल मंदिर की घटना भगवान् और केदरनाथ की घटना ने यह साबित कर दिया की आप सुरक्षित नहीं है यहाँ तक की अ भगवान् के घर में भी

भगवान् इस कद्र निक्कम्मा और नकारा है की खुद के बनाए हुए घर में नहीं रहता ह खुद कमा नहीं सकता अपना घर नहीं बना सकता

इसलिए आप चींखते रहिये चिल्लाते रहिये लेकिन भगवान् आपकी मदद के लिए कभी नहीं आयगा .. हाँ एक बार हिम्मत करके खड़े हो जाइए आप अपने आप के भगवान् बन जाएंगे

भगवान् का जन्म एक ख़ास शासक वर्ग ने अपनी सत्ता चलाने के लिए और जनता को बेवकूफ बनाने के लिए किया है , जातिवाद भारत में इसका बहुत बड़ा उधाहरण है