जय हिन्द जय भारत : रणवीर राठोड
| 08 Oct 2016

सर्जिकल स्ट्राइक का बतंगड़ बवंडर की माँनिंद सबको घूमाने ले लगा है।
बवंडर से अछूता ना रह पाए तो कुछ बातें जली कटी भी किसी को बुरी ना लगे।
आजादी के बाद से अब तलक गाँधी परिवार बात बात पर खुद को बलिदानी परिवार का वारिस बताकर राजनैतिक सहित अन्य लाभ उठाता रहा तो किसी के ह्रदय में नहीं उठे कोई गम्भीर विचार।
हालात कुछ ऐसे होते थे की सारा बलिदान गांधी परिवार ने ही किया बाकी के तो उनके हरकारे ही बनकर जिए ?
अब जब मौका मिला दूजी पार्टी को तो उनको भी लेने दो तनिक सहानुभूति का लाभ ,क्योंकि सत्ता में रहने का अवसर जल्द से नहीं मिलता।
एक के काम पर चुपी तो दूजे के पर चीख चिल्लाहट ये तो बिलकुल नहीं बात जमती। लोकतंत्र में सबको दिया समानता का अधिकार तो जिसके हाथ लगा माल उसको ना रोको टोको।
ये अलग तस्वीर है की जनता आजादी के बाद से परेशान रही है पर हुक्मरानों को तो समानता का करने दो व्यापार।