केजरीवाल की औकात नहीं की दलित को डिप्टी सी एम् बनाए , सविंधान का अपमान करने वाला ,आरक्षण विरोधी ,चुनाव में दलित हित की बात करता है , संघ का प्रतिरूप गुर्गा है
| 26 Nov 2016

जन उदय : अरविन्द केजरीवाल अपने छात्र जीवन से ही क्रांतिकारी विचारों का रहा है समाज मे फैली आरक्षण जैसी बुराइओ के खिलाफ लड़ना इन्होने केशव यानी कृष्ण भगवान् जिसने आर एस एस नाम की संस्था का गठन किया के आदेश से लड़ते आ रहे है ,

समाज में जातिवाद रहे , गरीब सिर्फ गरीब रहे कभी पढ़ न पाए दलित सिर्फ टट्टी ढोए और ब्राह्मण बनिया की सेवा करे यही कारण है इन्होने अपने ऐमस और आई आई टी के साथिओ के साथ मिलकर सविंधान जलाया
अपनी नौकरी के दौरान भी इन्हें अपने अधीनस्थ दलित कर्मचारियो से काफी चिड रहती थी खैर अपनी नौकरी के दौरान ये हमेशा काम करने में अक्षम रहे और कभी भी अपना काम सही ढंग से नहीं कर पाए जिसकी वजह से इनको नौकरी छोडनी पड़ी बाद में इन्होने अपने नौकरी छोड़ने की वजह आयकर विभाग में फैले भ्रष्टाचार को बताया .

इधर साल २०१० – २०११ २०१२- २०१३ में कांग्रेस के सम्स्य के एक से बड कर घोटाले सामने आये कॉमन वेल्थ , २ जी आदि इतियादी संघ के आदेश और भाजपा के समर्थन से से अन्ना के साथ मिलकर एक आन्दोलन को प्लांट किया गया , कांग्रेस से दुखी जनता ने खूब सडको पर अपना आक्रोश निकाला जो लगभग सभी भाजपा और संघ के सदस्य होते थे और अपने मंसूबो के मुताबिक़ इन्होने अपनी लड़ाई को स्वराज के लिए आन्दोलन का नाम दिया .
खैर लोकपाल ये लोग खुद भी नहीं बना पाए यहाँ तक की ये अपनी सरकार भी नहीं चला पाते , हमेशा गैर- सविन्धानिक कार्य करते है यानी वैसे कार्य करके केंद्र के पास भेजते है , जिन्हें केंद्र पास नै करता और बाद में ये जनाब यानी आम आदमी पार्टी यह कह कर चुप बैठ जाते है की केंद्र हमें कुछ करने नहीं देता जबकि ये लोग खुद कुछ नहीं कर पाते , वरना ये लोग स्कूलों में शिक्षक की भर्ती होनी है जिनकी संख्या ३३ हजार से ज्यादा है डी टी सी में ड्राईवर , कंडक्टर की भर्ती नहीं कर रहे इसका कारण यह नहीं की ये लोग करना नहीं चाहते बल्कि इसलिए की इन भर्तियो की वजह से एस सी एस टी कोटे में दलितों की भर्ती करनी पड़ेगी .. इसलिए सबको सिर्फ ठेकेदारी प्रथा के तहत ही चलने दिया ..

जनता ने एक बार नहीं दो बार आम आदमी को इस मुगाल्दे में की ये लोग कुछ अच्छा काम करेंगे लेकिन इन्होने कुछ नहीं किया लेकिन समय के चलते और हाल ही में पंजाब चुनाव को देखते हुए इन्होने एक दलित लड़की यानी राखी बिदलान कोस्पीकर बनाना पढ़ा और पंजाब में ३२ % दलितों की आबादी को देखते हुए आज अरविन्द केजरीवाल ने कहा है की अगर चुनाव में जीते तो डिप्टी सी एम् एक दलित होगा

ये अरविन्द केजरीवाल जो संघ का सिपाही जिसका काम ब्राह्मणवाद की पुर्नस्थापना करना है जिसका जीवन आरक्षण विरोध करना और सविंधान का अपमान करने में गुजरा आज चुनाव की वजह से कह रहा है की दलित को बनायंगे .. कमाल की बात है दलितों के दम से चुनाव जितने वाले कह रहे है की हम दलित को बनायंगे , इनसे पूछो की इनकी औकात है क्या ?? जो ये दलित को बनायंगे . बल्कि अब दलितों को ये समझ लेना चाहिए की आपकी शक्ति कितनी है और उसकी हिसाब से इन ब्राह्मण बनियों को निर्देशित करे