मोदी फ्लॉप –नोट बंदी फ्लॉप :नोट बंदी है एश से इससे साबित हुआ मोदी है एक टुच्चा प्रधानमंत्री
| 19 Dec 2016


जन उदय : वैसे तो सब जानते है की मोदी अपने भाषणों की वजह से सबसे जयादा मशहूर हुआ इसमें दो वजह मुख्य है एक तो यह की मोदी के पास भाषण देने की कला है क्योकि मोदी भाषण देते वक्त लोगो को अपने भाषण पर केन्द्रित करने की क्षमता रखते है ,

दुसरा कारण यह है की मोदी के भाषण में कोई तुक नहीं होता यानी मोदी के भाषणों की पड़ताल शुरू कर दी जाए तो उसमे सिवाय सिर्फ बेवकूफी के कुछ नहीं मिलेगा ,, झूट के अलावा कुछ नहीं मिलेगा

जहा तक बात रही की मोदी अपने भाषणों में लोगो के ध्यान को आकर्षित कर लेता है , तो यह किसी भी नेता के लिए बहुत जरूरी है , लेकिन मोदी का स्टाइल अलग है वह भी एकदम मदारियो वाला ऐसा लगता है जैसे कोई मदारी कोई खेल दिखाने वाला है

मोदी के भाषणों में एक बात यह बिलकुल साफ़ टूर पर देखि गई है की मोदी उन बातो का इतिहास के पन्नो को छेड़ देते है जिसके बारे में इन्हें ज़रा भी ज्ञान नहीं जैसे अभी फिलहाल एक भाषण में कहा की भगत सिंह ने काला पानी में काफी वक्त बिताया , ये बात बड़े शर्म की है की प्रधान मंत्री को अपने ही देश के शहीदों के बारे में कुछ भी ज्ञान नहीं , क्योकि भगत सिंह कभी भी काला पानी नहीं गए

हाल में काले धन के नाम पर मोदी ने जो नोट्बंदी की इसको मोदी ने यह कह कर लागू किया की देश से काला धन बाहर आ जाएगा लेकिन नोट बंदी के चालीस दिन में ही सब का सब नकदी बाहर आ गया और बैंक में जमा हो गया और इसमें एक पैसा भी काला धन नहीं निकला , इसके अलावा इस प्रक्रिया के बीच बीच नई नई घोषणा करते रहने से यह भी साबित हो गया की इस योजना के बारे में खुद मोदी सरकार एक नम्बर की बुद्दिहीन साबित हुई है जिसको यही नहीं मालूम की करना क्या है .

इसके अलावा यह एक आर्थिक इमरजेंसी की तरह लागू की गई है जिसमे लोग यानी आम आदमी अपने पैसे ही नहीं निकाल सकता .. अपने पैसे लेने के चक्कर में न जाने कितने लोग अपने नवजात बच्चे खो चुके है कितने लोग मर चुके है यानी १५० से उपर . लेकिन मोदी के कान पर जू तक नहीं रेंगी और लोग अब भी मरते जा रहे है . जबकि वेनुजुअला में सिर्फ एक आदमी की मौत के बाद ही इस फैसले को वापिस ले लिया गया

खैर कुल मिला कर सरकार को जनता से कला धन बिलकुल नहीं मिला इसके अलावा जब मोदी ने एक बार यह कह दिया की एक अब कोई नई योजना नहीं आएगी ... लेकिन नोट बंदी के बीच ही नई नई योजना यानी ५०-५० % की योजना लागू करके खुद मोदी ने यह साबित कर दिया है की नोट बंदी योजना फेल हो चुकी है और इससे न तो देश को फायदा हुआ और न ही देश की जनता को होने वाला है , इसके अलावा राजनातिक पार्टियो को खुली छूट से यानी कोई जांच नहीं कोई टैक्स नहीं से भी साबित कर दिया है की मोदी सिवाय एक मुर्ख आदमी के कुछ नहीं है जो सिर्फ लोगो का ध्यान हटाने के लिए कुछ न कुछ स्टंट करता रहता है

जब की देश की समस्या गरीबी बेरोजगारी , महंगाई है जो लगातार बढती जा रही है